Thursday, 21 July 2011

थोड़ी से सावधानी बचा सकती है व्यक्ति को ब्रेन कैंसर से

भ्रामरी

शंखपुष्पी
ब्राह्मी
अत्यधिक मानसिक तनाव, तीव्र नशीले पदार्थों का सेवन, सिगरेट के धुएं, अनियंत्रित क्रोध, ध्वनि प्रदूषण,  तकिये के नीचे मोबाइल फोन रख कर सोना ये सब हो सकते है ब्रेन ट्यूमर या ब्रेन कैंसर के कारण. वैसे तो ब्रेन कैंसर के कई उपरोक्त कारण हो सकते है किन्तु वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देखा जाये तो अधिकतर लोगों को देखा गया है वे रात्रि में सोते समय अपने मोबाइल फ़ोन को ध्वनि रहित कर वाइब्रेटमोड(कम्पन स्थिति) में रखकर तकिये के नीचे रखे रहते हैं ताकि किसी और को  फ़ोन आने पर निद्रा में व्यवधान न हो, लेकिन वह यह नहीं जानते की मोबाइल में वाइब्रेसन के दौरान निकलने वाली तरंगो के द्वारा मष्तिष्क की कोशिकाओं का या तो विकास रुक जाता है या फिर वे मृतप्रायः हो जाते हैं जिससे ब्रेन में ट्यूमर बनने लगता है जो आगे चलकर ब्रेन कैंसर का रूप बन जाता है.मोबाइल उपभोक्ताओं को इसके इस्तेमाल व रख रखाव अवश्य सावधानी बरतनी चाहिए. मष्तिष्क की कोशिकाओं को बल प्रदान करने व विकसित करने के लिए योग के अंतर्गत अनुलोम विलोम व भ्रामरी प्राणायाम सर्वोत्तम है साथ ही ब्राह्मी और शंखपुष्पी आदि वनौषधियों का सेवन भी मष्तिष्क की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में सहायक सिद्ध होती है.

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